भारतीय सेना को मिलेंगी 300 नई K-9 वज्र तोपें, ₹23,000 करोड़ की रक्षा खरीद की तैयारी

NRC News Hindi: भारतीय सेना को मिलेंगी 300 नई K-9 वज्र तोपें, ₹23,000 करोड़ की रक्षा खरीद की तैयारी

बड़ी खबर: भारतीय सेना अपनी तोपखाना क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग ₹23,000 करोड़ की लागत से 300 नई K-9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर तोपों की खरीद की योजना पर काम चल रहा है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य सेना की लंबी दूरी तक सटीक मार करने की क्षमता और परिचालन दक्षता को बढ़ाना है।

दिनांक: 10 जून 2026
स्थान: नई दिल्ली
समय: पूर्वाह्न

जानकारी के अनुसार K-9 वज्र एक 155 मिमी/52 कैलिबर की सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर प्रणाली है, जिसे कठिन परिस्थितियों में भी तेजी से तैनात किया जा सकता है। भारतीय सेना पहले से भी इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है और अब अतिरिक्त 300 तोपों की खरीद पर विचार किया जा रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित सौदे की अनुमानित लागत करीब ₹23,000 करोड़ हो सकती है। इन तोपों के शामिल होने से सेना की आर्टिलरी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, विशेषकर संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित और प्रभावी तैनाती के लिहाज से।

K-9 वज्र को आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम, लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता और उच्च गतिशीलता जैसी विशेषताओं के लिए जाना जाता है। इसे विभिन्न प्रकार के भूभागों में संचालित किया जा सकता है और यह कम समय में अपनी स्थिति बदलने में सक्षम है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तोप प्रणालियों का विस्तार भारत की समग्र सैन्य तैयारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हालांकि, किसी भी रक्षा खरीद प्रक्रिया में अंतिम निर्णय सरकार की स्वीकृति और औपचारिक अनुबंध प्रक्रिया के बाद ही लागू होता है।

भारत पिछले कुछ वर्षों से स्वदेशी उत्पादन और आधुनिक रक्षा प्रणालियों के समावेश पर भी विशेष जोर दे रहा है। इसी क्रम में सेना के आधुनिकीकरण की विभिन्न परियोजनाओं पर लगातार काम किया जा रहा है।

तथ्य जांच:

  • भारतीय सेना के लिए 300 अतिरिक्त K-9 वज्र हॉवित्जर तोपों की खरीद पर विचार किया जा रहा है।
  • प्रस्तावित सौदे की अनुमानित लागत लगभग ₹23,000 करोड़ बताई जा रही है।
  • K-9 वज्र 155 मिमी/52 कैलिबर की सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी प्रणाली है।
  • इसका उद्देश्य सेना की तोपखाना क्षमता और परिचालन दक्षता को बढ़ाना है।
  • रक्षा खरीद से जुड़ी अंतिम प्रक्रिया सरकार की स्वीकृति और औपचारिक निर्णय पर निर्भर करेगी।

निष्कर्ष:

300 नई K-9 वज्र तोपों की संभावित खरीद भारतीय सेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि यह प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है, तो इससे देश की आर्टिलरी क्षमता और सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया की ताकत को और मजबूती मिल सकती है।

 

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