भारतीय नौसेना को मिलेगी नई ताकत, भारत फोर्ज को ₹425 करोड़ का रक्षा मंत्रालय का ऑर्डर

NRC News Hindi: भारतीय नौसेना को मिलेगी नई ताकत, भारत फोर्ज को ₹425 करोड़ का रक्षा मंत्रालय का ऑर्डर

बड़ी खबर: रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 12 सेट 1.25 मेगावाट मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर की खरीद हेतु भारत फोर्ज के साथ लगभग ₹425 करोड़ का अनुबंध किया है। इस सौदे को नौसेना की परिचालन क्षमता बढ़ाने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

दिनांक: 20 जून 2026
स्थान: नई दिल्ली

जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्रालय और Bharat Forge के बीच हुए इस समझौते के तहत भारतीय नौसेना के लिए 12 सेट 1.25 मेगावाट मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर खरीदे जाएंगे। अनुबंध में कम से कम 60% स्वदेशी सामग्री (Indigenous Content) रखने की शर्त भी शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने की सरकारी नीति के अनुरूप है। इससे देश में रक्षा उपकरण निर्माण क्षमता मजबूत होगी और विदेशी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर युद्धपोतों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके माध्यम से जहाजों को आवश्यक विद्युत शक्ति मिलती है, जिससे विभिन्न सैन्य प्रणालियों का संचालन संभव होता है।

यह अनुबंध भारत फोर्ज की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता है। कंपनी हाल के वर्षों में नौसेना और अन्य रक्षा परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही है तथा स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता के विस्तार पर काम कर रही है।

तथ्य जांच:

  • रक्षा मंत्रालय ने भारत फोर्ज के साथ लगभग ₹425 करोड़ का अनुबंध किया है।
  • अनुबंध भारतीय नौसेना के लिए 12 सेट 1.25 MW मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर की खरीद से संबंधित है।
  • परियोजना में न्यूनतम 60% स्वदेशी सामग्री का प्रावधान है।
  • सौदे का उद्देश्य नौसेना की क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है।
  • भारत फोर्ज रक्षा और मरीन गैस टर्बाइन क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है।

निष्कर्ष:

भारतीय नौसेना के लिए ₹425 करोड़ का यह अनुबंध रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल नौसेना की परिचालन क्षमता मजबूत होगी, बल्कि देश में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। 

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