बड़ी खबर: भारत में पहली बार घरेलू स्तर पर उत्पादित जोनागिरी गोल्ड माइन का 24 कैरेट (999 शुद्धता) गोल्ड बिस्कुट बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध हो गया है। आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले की जोनागिरी (स्वर्णगिरि) गोल्ड माइन से निकले इस सोने को देश में स्वर्ण उत्पादन की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जोनागिरी गोल्ड माइन से तैयार पहले गोल्ड बिस्कुट का शुभारंभ किया। इसके बाद यह चुनिंदा ज्वेलरी दुकानों पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया। शुरुआती दिनों में ही छोटे आकार के गोल्ड बिस्कुट की अच्छी मांग देखने को मिली।
यह गोल्ड बिस्कुट 50 ग्राम, 100 ग्राम और 500 ग्राम के तीन आकार में उपलब्ध है। सबसे अधिक चर्चा 500 ग्राम के 24 कैरेट गोल्ड बिस्कुट की हो रही है, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत 75 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। बिस्कुट पर "Jonnagiri Gold Mine" और "999" की हॉलमार्किंग अंकित है, जबकि बड़े बिस्कुट पर आंध्र प्रदेश का नक्शा भी उकेरा गया है।
जोनागिरी परियोजना को भारत की पहली बड़े पैमाने की निजी क्षेत्र की वाणिज्यिक स्वर्ण खदानों में गिना जा रहा है। लगभग ₹405 करोड़ की लागत से विकसित इस परियोजना से वर्ष 2026-27 में करीब 400 किलोग्राम सोने के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर लगभग 900 किलोग्राम से 1 टन प्रतिवर्ष तक ले जाने की योजना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से भारत की आयातित सोने पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि फिलहाल ग्राहकों को कीमत में कोई विशेष राहत मिलने की संभावना नहीं है, क्योंकि इस सोने पर भी अन्य गोल्ड उत्पादों की तरह लागू कर और GST प्रभावी रहेंगे।
तथ्य जांच:
- जोनागिरी गोल्ड माइन का पहला 24 कैरेट गोल्ड बिस्कुट बाजार में लॉन्च किया गया।
- गोल्ड बिस्कुट 50 ग्राम, 100 ग्राम और 500 ग्राम के आकार में उपलब्ध है।
- 500 ग्राम बिस्कुट की कीमत 75 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
- परियोजना से शुरुआती चरण में लगभग 400 किलोग्राम वार्षिक उत्पादन का लक्ष्य है।
- यह भारत के निजी क्षेत्र की स्वर्ण खनन परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
निष्कर्ष:
जोनागिरी गोल्ड माइन से निकला पहला स्वदेशी गोल्ड बिस्कुट भारत के खनन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे घरेलू स्वर्ण उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, हालांकि फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए सोने की कीमतों में किसी बड़ी कमी की संभावना नहीं है।
