बड़ी खबर: राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फर्जी डिग्री, अंकतालिका और अन्य प्रमाणपत्रों के जरिए नौकरी हासिल करने के मामलों में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी के अनुसार, पिछले कई वर्षों की जांच में देशभर की 25 से अधिक यूनिवर्सिटियां जांच के दायरे में आई हैं और कई मामलों में संदिग्ध दस्तावेजों का इस्तेमाल सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, SOG को लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान कुछ विश्वविद्यालयों से कथित रूप से फर्जी डिग्रियां, अंकतालिकाएं और खेल प्रमाणपत्र जारी किए जाने के संकेत मिले हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल करने वाले मामलों की भी पड़ताल कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका भी सामने आई है। PTI भर्ती-2022 सहित विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में प्रस्तुत शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच के बाद कई रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं और संबंधित संस्थानों से जानकारी मांगी गई है।
SOG अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में डमी उम्मीदवार बैठाकर परीक्षा पास करने और बाद में फर्जी डिग्रियों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में बिचौलियों, संस्थानों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इसके अलावा, विदेश से मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले कुछ अभ्यर्थियों के कथित फर्जी FMGE प्रमाणपत्रों से जुड़े मामलों की भी जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
तथ्य जांच:
- राजस्थान SOG फर्जी डिग्री और प्रमाणपत्र मामलों की व्यापक जांच कर रही है।
- जांच के दायरे में 25 से अधिक विश्वविद्यालय बताए गए हैं।
- PTI भर्ती समेत विभिन्न मामलों में संदिग्ध शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
- कुछ मामलों में फर्जी डिग्री के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोपों की पड़ताल चल रही है।
- एजेंसी बिचौलियों और संबंधित नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।
निष्कर्ष:
राजस्थान SOG की यह कार्रवाई फर्जी डिग्रियों और प्रमाणपत्रों के कथित नेटवर्क पर बड़ी जांच मानी जा रही है। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।
