बड़ी खबर: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस और SIT जांच में गिरफ्तार सात आरोपियों के पास से भारतीय नकदी, अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया है। जांच दस्तावेजों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गबन और चोरी की बात स्वीकार की है।
जांच के अनुसार सबसे अधिक बरामदगी आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से हुई। उसके कब्जे से लगभग 20.39 लाख रुपये, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने की दो चेन, एक अंगूठी और चांदी जैसी धातु की वस्तुएं बरामद की गईं। इसके अलावा अलग-अलग आरोपियों के पास से लाखों रुपये की नकदी भी मिली।
SIT के दस्तावेजों के मुताबिक अनुकल्प मिश्रा के पास से लगभग 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, करूणेश पांडेय से 18.07 लाख रुपये, रमाकांत मिश्रा से 7.32 लाख रुपये, मनीष कुमार यादव से 2 लाख रुपये और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से 1 लाख रुपये बरामद किए गए।
रिपोर्ट के अनुसार पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के समय कथित रूप से चोरी और गबन किया गया था। दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि पुलिस कार्रवाई से पहले ट्रस्ट को कुछ राशि वापस कर दी गई थी। इन दावों की जांच अभी जारी है।
SIT अब पूरे मामले की अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि बरामद नकदी, विदेशी मुद्रा और अन्य संपत्तियां कथित चोरी की रकम से खरीदी गई थीं या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच के आधार पर अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
तथ्य जांच:
- सात आरोपियों से नकदी, अमेरिकी डॉलर और आभूषण बरामद किए गए।
- सबसे अधिक बरामदगी अविनाश शुक्ला के पास से हुई।
- अलग-अलग आरोपियों से लाखों रुपये की नकदी बरामद होने का दावा किया गया है।
- SIT मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
निष्कर्ष:
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हुई बरामदगी ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। नकदी, विदेशी मुद्रा और आभूषण मिलने के बाद SIT अब पूरे आर्थिक लेन-देन और कथित गबन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
