फोन पर बनती थी दान चोरी की योजना, फिर कैमरे की ओर रहता था पूरा ध्यान; राम मंदिर केस में बड़ा खुलासा

NRC News Hindi: फोन पर बनती थी दान चोरी की योजना, फिर कैमरे की ओर रहता था पूरा ध्यान; राम मंदिर केस में बड़ा खुलासा

बड़ी खबर: अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी पहले फोन पर चोरी की योजना बनाते थे और फिर दान गिनती के दौरान CCTV कैमरों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए वारदात को अंजाम देते थे। जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और CCTV फुटेज को अहम सबूत माना जा रहा है।

दिनांक: 12 जुलाई 2026
स्थान: अयोध्या, उत्तर प्रदेश

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी आपस में मोबाइल फोन के जरिए संपर्क में रहते थे और दान पेटियों से नकदी निकालने की योजना पहले से तैयार करते थे। इसके बाद मौके की निगरानी कर कैमरों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए चोरी को अंजाम दिया जाता था।

पुलिस और एसआईटी मामले से जुड़े आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां CCTV फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

इस मामले में पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और दान प्रबंधन में हुई कथित लापरवाहियां भी सामने आई हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तथ्य जांच:

  • आरोपियों ने कथित तौर पर फोन पर चोरी की योजना बनाई।
  • जांच में CCTV फुटेज और कॉल डिटेल्स महत्वपूर्ण साक्ष्य बने हैं।
  • मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • एसआईटी और पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं।
  • दान प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच जारी है।

निष्कर्ष:

राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। फोन कॉल, CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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