बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर छात्रों की शिकायतों पर गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने केंद्र सरकार और CBSE को निर्देश दिया है कि मूल्यांकन प्रणाली में सुधार के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि OSM प्रणाली को लेकर बड़ी संख्या में छात्र निराश हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पीठ ने यह भी कहा कि मूल्यांकन व्यवस्था में सामने आ रही समस्याओं का समाधान आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता छात्र की व्यक्तिगत मार्कशीट से जुड़ी समस्या का समाधान कर दिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि OSM प्रणाली की समीक्षा और सुधार के लिए पूर्व IAS अधिकारी एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में OSM प्रणाली को लेकर छात्रों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं, मूल्यांकन प्रक्रिया और तकनीकी गड़बड़ियों संबंधी कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन्हीं मुद्दों को देखते हुए अदालत ने सुधारात्मक उपायों की रिपोर्ट तलब की है।
तथ्य जांच:
- सुप्रीम कोर्ट ने CBSE OSM प्रणाली पर छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया।
- केंद्र और CBSE से सुधारात्मक कदमों की रिपोर्ट मांगी गई है।
- OSM प्रणाली की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति पहले ही गठित की जा चुकी है।
निष्कर्ष:
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से अब मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की दिशा में तेज़ी आने की उम्मीद है। मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।
