भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन, 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

NRC News Hindi: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन, 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

बड़ी खबर: बिहार के भोजपुर जिले के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा कोर्ट ने 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि आरोपियों को 12 अगस्त तक गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। साथ ही 12 अगस्त को भोजपुर के पुलिस अधीक्षक को अदालत में उपस्थित होकर मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देनी होगी।

दिनांक: 10 अगस्त 2026
स्थान: आरा, भोजपुर, बिहार

मामला शाहपुर थाना कांड संख्या 178/2026 से जुड़ा है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान जांच की प्रगति और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस से जवाब मांगा। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जांच के दौरान अब तक उठाए गए कदमों और गिरफ्तारी के प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की जाए।

मामले में भरत तिवारी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी थी। इसके बाद अदालत ने नामजद और जांच के दौरान सामने आए आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, मामले में तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार, तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, पुलिसकर्मी अंकित आर्यन, हरिश्चंद्र कुमार, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार, विकास कुमार और एएसआई रमाशंकर यादव समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

इनमें एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। अब अदालत के आदेश के बाद बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस को कार्रवाई करनी होगी।

अदालत ने जांच से जुड़े कई बिंदुओं पर भी जानकारी मांगी है। इसमें जांच शुरू होने की तारीख, अब तक की गई कार्रवाई, आरोपियों को दिए गए नोटिस और उनकी गिरफ्तारी नहीं होने के कारणों से संबंधित जानकारी शामिल है।

मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को लेकर भी अदालत ने जानकारी मांगी है। मोबाइल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों से संबंधित जांच की स्थिति भी अदालत के सामने रखी जानी है। भरत तिवारी का मोबाइल फोन भी पुलिस ने जांच के लिए जब्त किया है।

भरत तिवारी की मौत 17 जून 2026 को भोजपुर के बिलौती गांव में पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान हुई थी। इसके बाद इस घटना को लेकर सवाल उठे और मामले की जांच की मांग की गई। अब अदालत के ताजा आदेश के बाद मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है।

तथ्य जांच:

  • भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा कोर्ट ने 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
  • पुलिस को 12 अगस्त तक आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करना है।
  • 12 अगस्त को भोजपुर के पुलिस अधीक्षक को अदालत में उपस्थित होना होगा।
  • अदालत ने जांच की प्रगति और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
  • मामले में एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है।
  • मामले में पुलिस और प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के नाम भी आरोपी के तौर पर सामने आए हैं।
  • अदालत ने मोबाइल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज से जुड़ी जांच की जानकारी मांगी है।
  • गवाहों के बयानों और अन्य जांच से जुड़े दस्तावेज भी अदालत के सामने पेश किए जाने हैं।
  • भरत तिवारी की मौत 17 जून 2026 को भोजपुर के बिलौती गांव में पुलिस-एसटीएफ कार्रवाई के दौरान हुई थी।
  • मामले में अदालत के ताजा आदेश के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

निष्कर्ष

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा कोर्ट के ताजा आदेश से जांच में महत्वपूर्ण मोड़ आया है। अदालत ने 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश देते हुए 12 अगस्त तक गिरफ्तारी और पेशी का निर्देश दिया है। इसी दिन भोजपुर पुलिस अधीक्षक को भी अदालत में उपस्थित होकर जांच और अब तक की कार्रवाई की जानकारी देनी होगी।

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