बड़ी खबर: झारखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच आकाशीय बिजली (वज्रपात) ने बड़ा कहर बरपाया है। राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सबसे अधिक 9 मौतें गिरिडीह, 3 दुमका और 2 लातेहार जिले में हुई हैं।
दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड में खेतों में काम कर रहे कई लोग वज्रपात की चपेट में आ गए। गिदबोना गांव में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति और तीन वर्षीय बेटी सहित कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। अन्य गांवों में भी अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान गई और कई घायल हुए।
घायलों को फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग ने झारखंड के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
तथ्य जांच:
- झारखंड में वज्रपात से 14 लोगों की मौत और 8 लोग घायल हुए।
- सबसे अधिक 9 मौतें गिरिडीह जिले में दर्ज की गईं।
- दुमका और लातेहार में भी कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए।
- मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।
निष्कर्ष:
मानसून के दौरान झारखंड में वज्रपात लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
