बड़ी खबर: गाजियाबाद की लोनी सीट से बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने समाजवादी पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई एक तस्वीर को लेकर सफाई दी है। तस्वीर में विधायक दो युवकों के साथ नजर आ रहे हैं। सपा की पोस्ट में दावा किया गया कि ये युवक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं से मारपीट के मामले में शामिल हैं और विधायक के करीबी हैं। इस पर गुर्जर ने कहा कि उनके साथ कोई भी व्यक्ति तस्वीर खिंचवा सकता है और केवल फोटो से किसी के करीबी होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से नंद किशोर गुर्जर की दो युवकों के साथ तस्वीर साझा की गई। पोस्ट में तस्वीर के आधार पर उन युवकों को विधायक के करीबी बताए जाने का दावा किया गया।
सपा की पोस्ट के बाद विधायक नंद किशोर गुर्जर ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके साथ कोई भी व्यक्ति फोटो खिंचवा सकता है। उनके मुताबिक, केवल किसी के साथ तस्वीर होने से यह साबित नहीं होता कि वह व्यक्ति उनका करीबी है या उसके साथ उनके विशेष संबंध हैं।
विधायक ने इस दौरान कहा, “गुर्जर पिटते नहीं।” उनका यह बयान भी विवाद के बीच चर्चा में आया। गुर्जर ने तस्वीर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई देते हुए अपने और तस्वीर में मौजूद युवकों के संबंधों को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल उठाया।
यह विवाद CJP कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट की घटना और उससे जुड़ी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच सामने आया है। सपा ने तस्वीर के जरिए विधायक पर सवाल उठाए, जबकि गुर्जर ने आरोपों के जवाब में कहा कि तस्वीर को किसी करीबी संबंध का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
तथ्य जांच:
- समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से नंद किशोर गुर्जर की दो युवकों के साथ तस्वीर साझा की गई।
- सपा की पोस्ट में युवकों को CJP कार्यकर्ताओं से मारपीट के मामले से जोड़ने का दावा किया गया।
- नंद किशोर गुर्जर ने तस्वीर को लेकर सफाई दी।
- विधायक ने कहा कि उनके साथ कोई भी व्यक्ति फोटो खिंचवा सकता है।
- गुर्जर ने कहा कि केवल तस्वीर होने से करीबी संबंध साबित नहीं होते।
- इस मामले में सपा के आरोप और विधायक की सफाई अलग-अलग पक्षों के बयान हैं।
निष्कर्ष:
CJP कार्यकर्ताओं से मारपीट के विवाद में नंद किशोर गुर्जर और समाजवादी पार्टी के बीच बयानबाजी सामने आई है। सपा ने तस्वीर के आधार पर विधायक पर सवाल उठाए, जबकि गुर्जर ने कहा कि किसी के साथ फोटो होने से करीबी संबंध साबित नहीं होते। मामले से जुड़े आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र तथ्यों के आधार पर ही की जा सकती है।
