बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती एयरपोर्ट के निर्माण और रखरखाव को लेकर बीजेपी विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने सवाल उठाए हैं। गोंडा सदर से विधायक प्रतीक भूषण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एयरपोर्ट के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने IIT रुड़की की संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए भवनों में दरार, सरियों में जंग, छतों से पानी रिसने और जल निकासी की समस्याओं का मुद्दा उठाया है।
प्रतीक भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि श्रावस्ती एयरपोर्ट पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर गंभीर कमियां सामने आई हैं। उनके अनुसार, उनके प्रतिनिधि ने एयरपोर्ट परिसर का निरीक्षण किया था, जहां जलभराव, खराब जल निकासी व्यवस्था, भवनों में सीलन और दरार जैसी समस्याएं देखी गईं।
विधायक ने IIT रुड़की की 17 दिसंबर 2025 की संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। उनके पत्र के अनुसार, रिपोर्ट में समग्र संरचनात्मक अस्थिरता नहीं पाए जाने के बावजूद वर्ष 2019 में बने कुछ भवनों में निर्माण संबंधी खामियां दर्ज की गई हैं।
प्रतीक भूषण सिंह ने दावा किया कि अग्निशमन केंद्र और विद्युत उपकेंद्र में कंक्रीट के आवरण से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं, जिनसे सरियों में जंग लगने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है। उन्होंने अग्निशमन केंद्र के कॉलमों में निर्धारित 40 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 10 से 15 मिलीमीटर कंक्रीट आवरण होने का भी उल्लेख किया।
पत्र में टर्मिनल और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) भवन में कंक्रीट की गुणवत्ता, खुले सरियों में जंग, वॉटरप्रूफिंग में दरार और छत से पानी रिसने जैसी समस्याओं का दावा किया गया है। विधायक ने यह सवाल भी उठाया कि ऑडिट के दौरान स्वीकृत संरचनात्मक ड्रॉइंग और डिजाइन से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध क्यों नहीं कराए गए।
विधायक ने एयरपोर्ट की परिधि दीवार को लेकर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, दीवार के नीचे खाली जगहों से नीलगाय, गाय और सियार जैसे जानवर रनवे क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं, जिससे विमान परिचालन के दौरान सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकता है।
प्रतीक भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री से नागरिक उड्डयन विभाग से अलग वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में तकनीकी और प्रशासनिक जांच समिति गठित करने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि समिति में स्वतंत्र संरचनात्मक विशेषज्ञों, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं और वित्त अधिकारियों को शामिल किया जाए तथा 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट दी जाए।
उन्होंने जांच के दौरान निर्माण से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने, जिम्मेदार अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने तथा वित्तीय अनियमितता साबित होने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कदम उठाने की भी मांग की है। विधायक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले में गंभीर कार्रवाई कराएंगे।
तथ्य जांच:
- बीजेपी विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को श्रावस्ती एयरपोर्ट के संबंध में पत्र लिखा।
- उन्होंने निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
- विधायक ने IIT रुड़की की 17 दिसंबर 2025 की संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट का हवाला दिया।
- पत्र में भवनों में दरार, सरियों में जंग और छतों से रिसाव जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया।
- विधायक ने जलभराव और जल निकासी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
- उन्होंने रनवे क्षेत्र में जानवरों के पहुंचने से विमान सुरक्षा को संभावित खतरा बताया।
- उन्होंने 30 दिनों में रिपोर्ट देने वाली जांच समिति गठित करने का सुझाव दिया।
- निर्माण में भ्रष्टाचार या लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
निष्कर्ष:
श्रावस्ती एयरपोर्ट की निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर बीजेपी विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने जांच की मांग उठाई है। उन्होंने ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए तकनीकी खामियों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सामने रखा है। फिलहाल भ्रष्टाचार या लापरवाही के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।
