बड़ी खबर: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले NDA और महागठबंधन के भीतर राजनीतिक खींचतान सामने आई है। महागठबंधन के घटक दल RJD और कांग्रेस ने कई सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला बन गया है। वहीं NDA के भीतर भी कुछ सीटों पर असंतोष और उम्मीदवारों को लेकर मतभेद की खबरें सामने आई हैं।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना निर्धारित है। इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर चुनाव से पहले राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के समर्थन में जुटे हैं, लेकिन गठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर मतभेद भी दिखाई दे रहे हैं।
महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के उम्मीदवार कई सीटों पर आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने पांच सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए थे, जिनमें कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक सीटें शामिल हैं। इन तीनों सीटों पर RJD ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस कारण गठबंधन के दोनों दलों के बीच सीधा चुनावी मुकाबला बन गया है।
RJD ने पहले छह सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इसके बाद कांग्रेस की सूची सामने आने पर सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच सहमति पर सवाल उठने लगे। कांग्रेस की ओर से पहले भी उम्मीदवारों की घोषणा से पूर्व पर्याप्त बातचीत नहीं होने पर नाराजगी जताए जाने की खबरें आई थीं।
इस स्थिति को लेकर बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाए। बीजेपी नेताओं का कहना है कि एक तरफ INDIA गठबंधन के नेता राष्ट्रीय स्तर पर साथ दिखाई देते हैं, जबकि बिहार के MLC चुनाव में सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। RJD ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्षी दल लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मुद्दों पर साथ हैं। पार्टी ने NDA के भीतर मतभेदों का भी उल्लेख किया।
NDA के भीतर भी पटना स्नातक सीट को लेकर विवाद की खबरें सामने आई हैं। जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार को अपनी ही पार्टी के एक अन्य नेता की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इस घटनाक्रम के बीच प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है।
बिहार MLC चुनाव में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता सामान्य विधानसभा चुनाव के मतदाताओं से अलग होते हैं। स्नातक सीटों पर मतदान के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम तीन वर्ष पुरानी स्नातक डिग्री और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में निवास की शर्त लागू होती है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित शैक्षणिक संस्थानों में कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव तथा संबंधित मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है।
तथ्य जांच:
- बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान निर्धारित है।
- चुनाव में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
- RJD और कांग्रेस ने कई सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार उतारे हैं।
- कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं।
- बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाए हैं।
- पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार को पार्टी के भीतर से चुनौती मिलने की खबर है।
- स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मतदाता पात्रता मानदंड लागू होते हैं।
निष्कर्ष:
बिहार MLC चुनाव से पहले RJD और कांग्रेस के बीच कई सीटों पर सीधा मुकाबला तथा NDA के भीतर सामने आए मतभेद राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बने हुए हैं। आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को होने वाला मतदान इन स्थानीय चुनावों में उम्मीदवारों और गठबंधन की रणनीति की अहम परीक्षा होगा, जबकि अंतिम परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे।
