बड़ी खबर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद भी कथित डुप्लीकेट वोट दर्ज होने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह शहर गोरखपुर की शहर विधानसभा सीट के कुछ मतदाताओं के उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक ही व्यक्ति के नाम पर दो से छह तक वोट दर्ज हैं। अखिलेश ने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची में ऐसी गड़बड़ियां बनी हुई हैं, तो SIR प्रक्रिया का उद्देश्य क्या था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
अखिलेश यादव ने गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का हवाला देते हुए कई नामों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि आदित्य वर्धन श्रीवास्तव के नाम पर दो वोट, प्रवीण कुमार यादव के नाम पर तीन वोट और गौरव मिश्रा के नाम पर दो वोट दर्ज हैं। उन्होंने नगमा रब्बानी के नाम पर छह वोट और दीपक पासवान के नाम पर दो वोट होने का भी दावा किया।
सपा प्रमुख ने शंभू शंकर शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 135, 143, 145 और 146 पर उनके नाम से चार वोट दर्ज होने की बात सामने आई है। अखिलेश ने इन उदाहरणों के आधार पर मतदाता सूची की जांच और सुधार की जरूरत बताई। उनके द्वारा बताए गए नामों और मतदाता प्रविष्टियों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने पर ही इन दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद मतदाता सूची में डुप्लीकेट प्रविष्टियां मौजूद हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्षता बनाए रखने और मतदाता सूची की गड़बड़ियों को दूर करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर आंदोलन जरूरी है।
यह विवाद उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है। इससे पहले भी सपा प्रमुख ने फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए थे। इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और राजनीतिक दलों की शिकायतों पर बहस जारी है।
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची का विशेष सत्यापन और उसे अद्यतन करना है। यदि किसी व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक प्रविष्टियां दर्ज होने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के माध्यम से उसकी जांच कराई जा सकती है। किसी भी प्रविष्टि को हटाने या संशोधित करने से पहले लागू नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है।
तथ्य जांच:
- अखिलेश यादव ने 12 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची पर सवाल उठाए।
- उन्होंने कई मतदाताओं के नाम पर एक से अधिक वोट दर्ज होने का दावा किया।
- उनके अनुसार, कुछ नामों पर दो, तीन, चार और छह तक वोट दर्ज हैं।
- अखिलेश ने SIR प्रक्रिया के बाद भी कथित डुप्लीकेट प्रविष्टियां बने रहने पर सवाल उठाया।
- उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्षता सुनिश्चित करने और मतदाता सूची की जांच की मांग की।
- बताए गए नामों और वोट प्रविष्टियों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
- डुप्लीकेट प्रविष्टियों की शिकायतों की जांच संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के माध्यम से की जा सकती है।
निष्कर्ष:
गोरखपुर की मतदाता सूची को लेकर अखिलेश यादव के दावों ने उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया और डुप्लीकेट वोटों की जांच पर फिर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल उनके द्वारा बताए गए नामों और प्रविष्टियों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की जांच और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मतदाता सूची में वास्तविक गड़बड़ी है या नहीं।
