बड़ी खबर: सप्ताह की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार ने सतर्क रुख के साथ कारोबार किया। सेंसेक्स और निफ्टी 50 में शुरुआती बढ़त के बाद उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशकों की नजर ईरान-अमेरिका वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर बनी रही।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स सीमित दायरे में रहा, जबकि निफ्टी 24,050 के ऊपर कारोबार करता दिखा। बाजार में आईटी, फार्मा और कुछ चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि बढ़ती तेल कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
विश्लेषकों का कहना है कि भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। यदि तेल की कीमतें लगातार ऊंची रहती हैं, तो इसका असर महंगाई, रुपये और विदेशी निवेश प्रवाह पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद बाजार को सहारा दे सकती है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की नजर अब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों, कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय हो सकती है।
तथ्य जांच:
- 29 जून को शेयर बाजार ने सतर्क शुरुआत की।
- निफ्टी 24,050 के ऊपर कारोबार करता रहा।
- आईटी, फार्मा और कुछ बैंकिंग शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
- ईरान-अमेरिका घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की प्रमुख चिंताओं में शामिल रहीं।
- निवेशकों की नजर FII गतिविधियों और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है।
निष्कर्ष:
29 जून के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने सतर्क रुख अपनाया। वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
