बड़ी खबर: पाकिस्तान के कराची में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों का कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सबसे पहले अपने भीतर झांकने की जरूरत है और आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति छोड़नी चाहिए।
मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के वर्ष 2011 के उस चर्चित बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से कहा था कि "आप अपने घर के आंगन में सांप पालकर यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वे केवल आपके पड़ोसियों को ही काटेंगे।" तिवारी ने इसी संदर्भ में पाकिस्तान को सलाह दी कि वह भारत पर आरोप लगाने के बजाय अपनी धरती पर पल रहे आतंकवाद पर ध्यान दे।
यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान सेना ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के पीछे भारत का हाथ होने का आरोप लगाया। हालांकि पाकिस्तान ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया। इस हमले में तीन पाकिस्तानी रेंजर्स कर्मियों की मौत हुई, चार घायल हुए और सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मार गिराने तथा एक संदिग्ध को गिरफ्तार करने का दावा किया।
मनीष तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान को दुनिया भर में आतंकवाद फैलाने की बजाय अपनी नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि आतंकवादी संगठनों को संरक्षण देने की नीति का नुकसान अंततः पाकिस्तान को ही उठाना पड़ रहा है।
इस बीच भारत सरकार भी पाकिस्तान के आरोपों को पहले ही खारिज कर चुकी है और कहा है कि पाकिस्तान को निराधार आरोप लगाने के बजाय अपने आंतरिक सुरक्षा हालात और आतंकवादी ढांचे पर ध्यान देना चाहिए।
तथ्य जांच:
- कराची आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाए।
- कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने पाकिस्तान के आरोपों का सार्वजनिक रूप से जवाब दिया।
- उन्होंने हिलेरी क्लिंटन के 2011 के बयान का हवाला देते हुए पाकिस्तान को आत्ममंथन की सलाह दी।
- पाकिस्तान ने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया है।
- भारत सरकार भी इन आरोपों को खारिज कर चुकी है।
निष्कर्ष:
कराची आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान जहां हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहरा रहा है, वहीं भारत और कांग्रेस दोनों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पाकिस्तान से आतंकवाद के मुद्दे पर आत्ममंथन करने की बात कही है। फिलहाल मामले में दोनों देशों के दावे अपने-अपने स्तर पर हैं और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
