अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ीं ट्रंप की शक्तियां, कई एजेंसियों के प्रमुखों को हटा सकेंगे

NRC News Hindi: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ीं ट्रंप की शक्तियां, कई एजेंसियों के प्रमुखों को हटा सकेंगे

बड़ी खबर: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शक्तियों का दायरा बढ़ा दिया है। अदालत ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति अधिकांश स्वतंत्र संघीय एजेंसियों के प्रमुखों को बिना विशेष कारण बताए पद से हटा सकते हैं। हालांकि, फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) को इस फैसले से अलग रखा गया है।

दिनांक: 30 जून 2026
स्थान: वॉशिंगटन डी.सी., अमेरिका

सुप्रीम कोर्ट ने लगभग 91 वर्ष पुराने उस कानूनी सिद्धांत को पलट दिया, जिसके तहत कुछ स्वतंत्र एजेंसियों के प्रमुखों को राष्ट्रपति मनमाने ढंग से नहीं हटा सकते थे। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का फैसला लिखते हुए कहा कि ऐसी कानूनी सुरक्षा संविधान में शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।

इस फैसले के बाद राष्ट्रपति को फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC), नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड (NLRB) और अन्य कई स्वतंत्र एजेंसियों के प्रमुखों को हटाने का व्यापक अधिकार मिल गया है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर इस निर्णय का प्रभाव नहीं पड़ेगा और उसकी गवर्नर लिसा कुक फिलहाल अपने पद पर बनी रहेंगी।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने इसे राष्ट्रपति पद की शक्तियों से जुड़ा "ऐतिहासिक फैसला" बताया। वहीं तीन उदारवादी न्यायाधीशों ने इस निर्णय पर असहमति जताते हुए कहा कि इससे कार्यपालिका के हाथों में अत्यधिक शक्ति केंद्रित हो सकती है और स्वतंत्र एजेंसियों की स्वायत्तता प्रभावित होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर अमेरिका की कई स्वतंत्र नियामक संस्थाओं पर पड़ सकता है और भविष्य में राष्ट्रपति तथा संघीय एजेंसियों के बीच संबंधों की नई व्याख्या सामने आ सकती है।

तथ्य जांच:

  • अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से राष्ट्रपति की शक्तियों का विस्तार किया।
  • राष्ट्रपति अब अधिकांश स्वतंत्र एजेंसियों के प्रमुखों को हटा सकते हैं।
  • फेडरल रिजर्व को इस फैसले से अलग रखा गया है।
  • डोनाल्ड ट्रंप ने फैसले का स्वागत किया, जबकि तीन न्यायाधीशों ने असहमति जताई।

निष्कर्ष:

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्तियों से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में माना जा रहा है। इससे भविष्य में अमेरिकी प्रशासनिक व्यवस्था और स्वतंत्र नियामक एजेंसियों की भूमिका पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है, जबकि फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता फिलहाल बरकरार रखी गई है।

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