राम मंदिर ट्रस्ट के बचाव में उतरे VHP अध्यक्ष आलोक कुमार, बोले- जांच पूरी पारदर्शिता से हो रही

NRC News Hindi: राम मंदिर ट्रस्ट के बचाव में उतरे VHP अध्यक्ष आलोक कुमार, बोले- जांच पूरी पारदर्शिता से हो रही

बड़ी खबर: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या राम मंदिर दान (चढ़ावा) विवाद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट शुरू से ही निष्पक्ष और पारदर्शी जांच चाहता है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

दिनांक: 30 जून 2026
स्थान: नई दिल्ली

आलोक कुमार ने कहा कि जैसे ही कथित अनियमितताओं की जानकारी ट्रस्ट को मिली, सबसे पहले आंतरिक जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में कुछ लोगों की भूमिका सामने आने के बाद कथित रूप से लगभग 80 लाख रुपये वापस जमा कराए गए। इसके बाद ट्रस्ट ने स्वयं उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि SIT के अयोध्या पहुंचने पर तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने स्वयं जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही और कहा कि सबसे पहले उनसे पूछताछ की जा सकती है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें आठ लोगों के नाम शामिल किए गए। साथ ही अन्य संभावित आरोपियों की भी गहन जांच की मांग की गई।

आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे, इसलिए अपने पदों से इस्तीफा दिया। उनके अनुसार यह कदम दर्शाता है कि ट्रस्ट सच्चाई सामने लाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई राजनीतिक नेताओं ने गंभीर आरोप लगने के बावजूद अपने पद नहीं छोड़े, जबकि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने जांच को प्रभावित न होने देने के लिए स्वयं जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिए।

तथ्य जांच:

  • VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर ट्रस्ट की जांच प्रक्रिया का समर्थन किया।
  • उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने स्वयं SIT जांच की मांग की थी।
  • चंपत राय और अनिल मिश्रा ने जांच प्रभावित न हो, इसलिए इस्तीफा दिया।
  • ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई और मामले की जांच जारी है।

निष्कर्ष:

राम मंदिर दान विवाद को लेकर जारी जांच के बीच VHP ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली का बचाव किया है। संगठन का कहना है कि ट्रस्ट ने शुरुआत से ही जांच में सहयोग किया है और दोषियों को सजा दिलाने के पक्ष में है। दूसरी ओर, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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