बड़ी खबर: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से सांगला-छितकुल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। बाढ़ के साथ आए भारी मलबे और चट्टानों ने सड़क को ढक दिया, जबकि आईटीबीपी (ITBP) कैंप को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा नहीं करने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब 5 बजे मस्तरंग (रक्छम) क्षेत्र में ग्रागा नाले में अचानक फ्लैश फ्लड आ गई। बाढ़ के साथ भारी मात्रा में मिट्टी, मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आने से सांगला-छितकुल सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। इससे दोनों ओर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
प्रशासन के अनुसार बाढ़ की वजह ऊंचाई वाले क्षेत्र में बादल फटना माना जा रहा है। मलबे का असर आईटीबीपी कैंप के पास भी देखा गया और उसके आवासीय परिसर को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना भी जताई है।
तथ्य जांच:
- किन्नौर के मस्तरंग क्षेत्र में बादल फटने के बाद फ्लैश फ्लड आई।
- सांगला-छितकुल मार्ग भारी मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो गया।
- आईटीबीपी कैंप के आवासीय परिसर को नुकसान पहुंचा है।
- अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन ने यात्रा से बचने की सलाह दी है।
निष्कर्ष:
किन्नौर में बादल फटने से आई फ्लैश फ्लड ने सांगला-छितकुल क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सड़क बंद होने से आवाजाही ठप है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
