बड़ी खबर: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को कोलकाता के श्यामबाजार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम स्थल के पास कुछ लोगों ने उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। इस दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी। यह विरोध ऐसे समय हुआ है, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर BJP के एक राज्यसभा सांसद की टिप्पणी के बाद पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक विवाद तेज है।
ममता बनर्जी मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की तस्वीर लेकर उत्तर कोलकाता के श्यामबाजार फाइव-पॉइंट क्रॉसिंग पहुंचीं। यहां उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम नेताजी को लेकर BJP के राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में आयोजित किया गया था।
दरअसल, BJP के राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को ‘वॉर क्रिमिनल’ बताया था और उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आजाद हिंद फौज की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए। इसके बाद पश्चिम बंगाल BJP के नेताओं ने उनके बयान से दूरी बना ली और इसे उनकी निजी राय बताया।
कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ महात्मा गांधी और मातंगिनी हाजरा जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानियों का सम्मान करती है और बंगाल के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को याद किया।
इसी कार्यक्रम के बाहर कुछ लोग जमा हो गए और ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने लगे। विरोध के कारण कार्यक्रम में कुछ देर के लिए बाधा आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। TMC ने आरोप लगाया कि विरोध BJP समर्थित लोगों की ओर से किया गया था और कार्यक्रम में जानबूझकर रुकावट डालने की कोशिश की गई। हालांकि BJP ने इस विरोध में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है।
BJP नेताओं ने इस विरोध को ममता बनर्जी के खिलाफ लोगों के गुस्से का नतीजा बताया। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
श्यामबाजार की घटना से दो दिन पहले हालिसहर में भी ममता बनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा था। वह पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मारे गए एक TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंची थीं। रिपोर्ट के अनुसार, वहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को घेरकर नारे लगाए थे। ममता की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके वाहन के आसपास घेरा बनाकर रास्ता साफ कराया था।
हालिसहर की घटना के बाद BJP नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के खिलाफ हुए विरोध को जनता के गुस्से से जोड़ते हुए उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अब श्यामबाजार में हुए विरोध ने बंगाल की राजनीति में TMC और BJP के बीच चल रहे विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
तथ्य जांच:
- ममता बनर्जी को 11 अगस्त 2026 को कोलकाता के श्यामबाजार में विरोध का सामना करना पड़ा।
- कार्यक्रम के बाहर कुछ लोगों ने उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए।
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
- ममता ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- कार्यक्रम नेताजी को लेकर BJP सांसद नागेंद्र रॉय की टिप्पणी के विरोध में आयोजित किया गया था।
- नागेंद्र रॉय ने नेताजी को ‘वॉर क्रिमिनल’ बताया था और आजाद हिंद फौज की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
- पश्चिम बंगाल BJP के नेताओं ने रॉय के बयान से दूरी बनाते हुए इसे उनकी निजी राय बताया।
- TMC ने विरोध के पीछे BJP समर्थकों का हाथ होने का आरोप लगाया।
- BJP ने विरोध में अपनी भूमिका से इनकार किया।
- हालिसहर में भी इससे दो दिन पहले ममता बनर्जी के काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा था।
निष्कर्ष
नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब ममता बनर्जी के कार्यक्रमों में विरोध तक पहुंच गया है। श्यामबाजार में ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए जाने के बाद TMC और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर TMC ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित विरोध बताया है, वहीं BJP ने इससे दूरी बनाते हुए इसे लोगों के गुस्से से जोड़कर देखा है।
