बड़ी खबर: छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी सियासी गतिरोध के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमित शाह ने कहा था कि अगर विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है तो वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा कि देश अब भाषण सुनने के मूड में नहीं है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर कहा कि संसद में जवाब देने के लिए सरकार जिस समय-सीमा की बात कर रही है, वह अपने आप में अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि यह जवाब नहीं होगा, बल्कि ‘थोथा बयान’ होगा। उनके मुताबिक भाजपा वास्तव में जवाब देना नहीं चाहती और सत्र का समापन करने की जल्दबाजी में है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जिम्मेदारी और जवाबदेही किसी तय समय की शर्त से नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व के आधार पर निभाई जाती है। उन्होंने छात्रों से जुड़े पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल किसी जिज्ञासा का सतही समाधान करने की औपचारिकता नहीं है।
दरअसल, 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। विपक्ष का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन और कील लगी लाठियों का इस्तेमाल किया गया था। इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
विपक्ष की ओर से 20 जुलाई की घटना के बाद से ही गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की जा रही है। अब सरकार की ओर से जवाब देने की बात ऐसे समय में सामने आई है, जब संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही 13 अगस्त को समाप्त होने वाली है।
अमित शाह ने कहा था कि अगर विपक्षी दल छात्रों से जुड़े विषय पर चर्चा के लिए तैयार हो जाते हैं तो वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वह देश की जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट करने को तैयार हैं।
अखिलेश यादव ने इसी बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को जवाबदेही निभाने के लिए समय की शर्त नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से दिया जाने वाला बयान वास्तविक जवाबदेही से बचने की कोशिश हो सकता है।
तथ्य जांच:
- अखिलेश यादव ने अमित शाह के छात्रों से जुड़े मुद्दे पर दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी है।
- अमित शाह ने विपक्ष के चर्चा के लिए तैयार होने पर हर सवाल का जवाब देने की बात कही थी।
- अखिलेश यादव ने कहा कि देश भाषण सुनने के मूड में नहीं है।
- अखिलेश ने सरकार की तय समय-सीमा को अलोकतांत्रिक बताया।
- उन्होंने संभावित जवाब को ‘थोथा बयान’ बताया।
- 20 जुलाई के छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है।
- विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई के दौरान पैलेट गन और कील लगी लाठियों के इस्तेमाल का दावा किया है।
- अखिलेश यादव और राहुल गांधी इस मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
- संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला है।
- अमित शाह ने कहा है कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह सवालों का जवाब देने को तैयार है।
निष्कर्ष
छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच अमित शाह के जवाब देने की तैयारी पर अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया है। अखिलेश ने सरकार की समय-सीमा और जवाब देने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश केवल भाषण नहीं, बल्कि जवाबदेही चाहता है। अब इस मुद्दे पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच आगे क्या रुख रहता है, इस पर नजर रहेगी।
